वंदना परोहा and अपपणा पांडे (2026) “भारत देश का भूगोल और इततहास तवतवधता से भरा है, तिसमें तहमालय से लेकर तटीय क्षेत्रों तक शातमल हैं।”, AG Volumes, pp. 141–146. Available at: https://agvolumes.com/Books-AG/index.php/AGvolumes/article/view/434 (Accessed: 12 August 2026).