भारत देश का भूगोल और इततहास तवतवधता से भरा है, तिसमें तहमालय से लेकर तटीय क्षेत्रों तक शातमल हैं।

Authors

  • वंदना परोहा G. S. College of Commerce and Economics Autonomous , Jabalpur
  • अपपणा पांडे G. S. College of Commerce and Economics Autonomous , Jabalpur

Keywords:

आग पक षवकास, समावेशी षवकास, तकनीकी प्रगतत, सामाजजक कल्याण योजनाएाँ, सतत षवकास

Abstract

र्ह िोध भारत के हाशिर्ा समि षवकास का षवश्िेिण प्रस्तुत करता है, जजसमें षपछिे दिक की तीव्र आगिगक वृद्गध और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अिगव्र्वस्िा बनने की संभावनाओं को रेखांककत ककर्ा गर्ा है। Make in India, Startup India और Atmanirbhar Bharat Abhiyan जैसी पहिों ने औद्र्ोगगक षवकास और रोजगार सृजन को गतत दी है। साि ही, शिक्षा, स्वास्थ्सर्, बुतनर्ादी ढाँचा, नवीकरणीर् ऊजाग और तकनीकी क्षेत्र में सुधार तिा Indian Space Research Organisation (ISRO) की उपिजलधर्ाँ समावेिी और सतत षवकास को सुदृढ़ बना रही हैं, जबकक र्ुवा कार्गबि और वैजश्वक मंच पर सकिर् भूशमका भारत की प्रगतत को और सिक्त कर रही है।

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Published

2026-03-18

How to Cite

[1]
वंदना परोहा and अपपणा पांडे 2026. भारत देश का भूगोल और इततहास तवतवधता से भरा है, तिसमें तहमालय से लेकर तटीय क्षेत्रों तक शातमल हैं।. AG Volumes. (Mar. 2026), 141–146.