संपोषित विकास के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समझ को बढ़ावा देने में पर्यटन की भूमिका
Keywords:
संपोषित षवकास, सांस्कृततक आदान-प्रदान, सामाजजक समावेलशता, सांस्कृततक षवषवधता संरक्षण, वैजश्वक एकताAbstract
संपोषित (सस्टेनेबि) षवकास के माध्र्म से सांस्कृततक आदान-प्रदान और सामाजजक समझ को बढ़ावा देने में पर्गटन की भूशमका का षवश्िेिण करता है। संपोषित पर्गटन पर्ागवरण, समाज और अिगव्र्वस्िा के बीच संतुिन बनाए रखते हुए सांस्कृततक षवषवधता को संरक्षक्षत करने, सामाजजक समावेशिता को बढ़ाने और वैजश्वक एकता को प्रोत्सादहत करने में महत्वपूणग र्ोगदान देता है। षविेि रूप से भारत के संदभग में, र्ह पत्र पर्गटन के प्रभावों, चुनौततर्ों और भषवटर् की संभावनाओं की पड़ताि करता है। डेटा षवश्िेिण, केस स्टडी और सादहत्र् समीक्षा के आधार पर र्ह पत्र दिागता है कक संपोषित पर्गटन सांस्कृततक और सामाजजक उत्िान का एक प्रभावी साधन हो सकता है।
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